Sunday, 10 July 2016



भारत में पिता को दो ही चिंता है एक बेटा और दूसरा नेता. दोनों ही कभी एक साथ सही नहीं हो सकते हैं कभी बेटा नालायक तो नेता लायक और बेटा लायक तो नेता नालायक हमेशा से ऐसा ही होता आ रहा है और भारत में पिता को बुराई करने का एक मौका हमेशा मिलता रहा है..चाहे वो बेटे की हो या नेता की. पिता भी ऐसे मौके को हाथ से नहीं जाने देते हैं उन्हें भी ऐसे मौकों की तलाश रहती है और जहाँ मौका मिल जाए वहां शुरू हो जाते हैं.
बेटा जब नालायकी की हद को पार कर जाता है तब पिता या तो उसकी शादी करवा देता है या पैसे देकर उसके धंधे पानी का इन्तेजाम कर देता है ये सोचकर चलो इसी बहाने ये सुधर जाएगा. अमूमन ऐसा होता है जब बोझ पड़ जाता है तो नालायक भी लायक हो ही जाता है पर इसके कुछ अपवाद भी हैं फिलहाल हम उनकी तरफ नहीं जाते हैं क्यूंकि उस तरफ गए तो हम अपने मूल विषय से भटक जाएंगे.
लालू यादव नाम के एक बहुत ही होनहार पिता जो बिहार की पुण्य धरा पर पैदा हुए और उनके कर्मों की गाथा से पूरा बिहार आज भाव विभोर हो रहा है. इन्होने बिहार को भले ही उन्नति तक न पहुँचाया हो पर अपने निकम्मे साले, चाचा, फूफा और ऐसे ही न जाने कितने अनगिनत रिश्तेदार हैं उनको सरकारी नौकर बना कर सरकार की बंशी बजाने को छोड़ दिया और जिन्हें कुछ नहीं दे पाए उनके लिए इन्होने सरकारी खजाने से बहुत सारी सुविधायें मुहैय्या करवा दी.
इनके कर्म तो इतने ऊंचे हैं के उनका वर्णन कर पाना मुझ जैसे साधारण मनुष्य के लिए तो असंभव है. इनके कर्म कांडों के ऊपर तो ग्रन्थ लिखे जा सकते हैं. इनके कुछ महान कार्य तो इतने महान हैं की बस क्या बताऊँ गैय्या भैंसिया भी शर्मा जाए..इन्होने सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करके अपनी खेत के उपजाऊ होने का संकेत बहुत पहले दे दिया था. खेत तो उपजाऊ है पर फसल साला खर पतवार से भी बदतर निकला.
इस शानदार पिता के कर्मों के जैसे ही इसके दो शानदार पुत्र हुए..ये दोनों अपने पिता से भी आगे निकले. पिता ने कम से कम स्नातक तक तो पढ़ाई की इन दोनों ने ये साबित करने के लिए ये लालू के लौंडे हैं..एक ने दसवीं कक्षा नहीं पास किआ और दुसरे ने स्नातक के पहले ही वर्ष में त्यागपत्र दे दिया. मतलब यूँ कहें के पुत्रों ने पिता के नक़्शे कदम पर बचपन से ही चलना शुरू कर दिया था.
बिहार या यूँ कहें पूरे भारतवर्ष के राजनीती के इतिहास में बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहाँ का मुख्यमंत्री अशिक्षित हुआ है और ये इन्हें पता था ऐसा महान काम करने वाली इनकी माता जी हैं जिन्होंने पूरे पांच साल तक अंगूठा लगा लगा कर बिहार के लालटेन का तेल सूखा दिया. बेटे भी तो उसी माँ के थे बस इन्होने भी पढने लिखने की जेहमत नहीं उठाई और सीधा मुख्यमंत्री बनने के सपने देखने लगे.
पिता लालू प्रसाद यादव को पता था उनके लड़के कितने लायक हैं उन्हें यदि सामान्य बना कर किसी दफ्तर में चपरासी के लिए भी भेजा जाए तो ये दोनों ही वहां से भगा दिए जाते इसलिए पिता भी अपने बेटों के भविष्य के लिए गहन चिंतन में डूब गए और सही मौके का इन्तेजार करने लगे. ये मौका मिला उन्हें बिहार चुनाव के दौरान और बिहार की भोली भली जनता ने इन पर भरोसा भी कर लिया और इस पिता के मन की मुराद पूरी हो गई.
आज लालू के दोनों निकम्मे लौंडे बिहार की सत्ता में अपने निकम्मेपन को बड़े ही शांति के साथ दिखा रहे हैं. जिनकी औकात चपरासी की नहीं थी आज उनके आगे आई. ए. एस ऑफिसर तक सर झुका रहे हैं. एक बेटा उप मुख्यमंत्री तो दूसरा स्वास्थ्य मंत्री. आज लालू प्रसाद की सारी चिंताएं और सारी समस्याओं का अंत हो गया है और बिहार की जनता की समस्याएं उनके अपने बेवकूफी के वजह से बढ़ गई हैं.
लालू के दोनों लौंडों ने आते ही अपने जलवे दिखने शुरू भी कर दिए हैं और पैसे की उगाही पर अपने आदमियों को लगा दिया है. पहले साल जो उन्होंने अपने चुनाव के दौरान खर्च किआ उसको बसूलेंगे उसके बाद आने वाले सालों में अपना मुनाफा निकालेंगे. आज बिहार का पिता लालू प्रसाद यादव दुनिया का सबसे खुशनसीब पिता है.

Friday, 29 April 2016

ताहिर शाह के गीत #एंजेल की- शाब्दिक व्याख्या

#पाकिस्तान के मशहूर गायक #उस्ताद #ताहिर_शाह ने हाल ही अपना एक गीत प्रक्षेपण किआ है. सूत्रों की मानें तो उनका ये संगीत पाकिस्तान के #परमाणु_बम से भी खतरनाक माना जा रहा है. भारतीय यहाँ तक अंदाज़ा लगा रहे हैं की पाकिस्तान #विश्व_कप में अपनी हार का बदला इस गीत के जरिये ले रहा है. भारतीय, छाती पर #बाल वाले इस #एंजेल इतने परेशान हैं की पाकिस्तान को बोल रहे हैं "#भले_ही_कश्मीर_ले_लो, #पर_इतना_अत्याचार_मत_करो".

इस गीत से दुनिया भर में हुई अपार छति से जो हानि हुई है उसका वर्णन मैं शब्दों में नहीं कर पाउँगा. पहले आप सभी से अनुरोध है एक भी नज़र उनके इस अविस्मरनीय गीत पर भूलकर भी न डालना जिसने पूरे #सामाजिक_जालक्रम #फेसबुक, #यूटयूब और #ट्विटर पर तहलका मचा दिया है. ये एक विनम्र निवेदन है कृपया #बच्चे, #गर्भवती_महिलाएं और #दिल_के_मरीज इसे न देखें.

इस गाने को देखने के बाद अगर आप लोग अभी भी जिन्दा हैं तो अपने ही हाथों से खुद को शाबाशी दे दें और जिनका इस क्रम में देहांत हो गया है तो मुझे उनकी आत्मा के साथ अपार सहानुभूति है. ईश्वर करे के उनकी आत्मा को #जहन्नुम में जगह मिले क्यूंकि #जन्नत में ऐसे #एंजेल को वो लोग शायद बर्दाश्त न कर पाएं.

पाकिस्तानी अपने इस सितारे गायक से इतने खुश हैं के उन्हें #अकादमी_अवार्ड से #नवाजने की मांग #नवाज से कर रहे हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है की संगीत इतना #विशारद पूर्ण और #भावुक करने वाला है की खुद #इश्वर से भी नहीं रहा गया. माना जा रहा है पाकिस्तान में अभी हाल में हुआ #भूकंप ईश्वर की ताहिर शाह के गाने के ऊपर #प्रतिक्रिया थी.

#चपांड_युग के मशहूर #समलैंगिक गायक #उस्ताद #जस्टिन_बीरबल के #ट्विटर खाते से ये पता चला है के #उस्ताद #ताहिर_शाह ही उनके संगीत गुरु थे. लोगों का ये दावा है के ताहिर शाह जैसे लोगों के वजह से ही #इस्लाम में #अल्लाह_मियां ने संगीत सुनना और देखना #हराम किया हुआ है. दावा तो यहाँ तक किया जा रहा है के अगर #आई_एस_आई_एस.इस संगीत को देख ले तो वो अपना क़त्ल खुद कर लेंगे.

इस #कलयुगी_पाखंडी को देखकर लोग इतने हताश हैं की वो अपनी #आँख निकालकर खुद #पप्पू_कुर्ला को गोटी खेलने के लिए दे दिए हैं. साथ ही कुछ लोग #डॉली_बिंद्रा के इस पुरुष संस्करण वाले गायक को सदी का सबसे #महान गायक बता रहे हैं. इस गीत पर जब ताहिर शाह से प्रतिक्रिया ली गई तब उन्होंने ये बताया की यह गीत उन #बालिकाओं को #श्रद्धांजलि है जो #फेसबुक पर #अपने #नाम के आगे #एंजेल लगाती है. आंकड़ों की मानें तो बीते कुछ दिनों में हजारों बालिकाओं ने फेसबुक पर अपने नाम के आगे से #एंजेल हटा लिया है.

लोगों का तो यहाँ तक मानना है के ताहिर शाह के वजह से ही मनुष्य दुसरे #गृह पर #जीवन #खोजने में लगा हुआ है. ताहिर शाह के इस गीत से हमारे देश के #दिवंगत नेता #चौहान #कन्हैय्या_कुमार को फिर एक नारा मिल गया है. "#म्यूजिक_हम_शर्मिंदा_है, #ताहिर_शाह_अब_तक_जिन्दा है". आशा करते हैं के ताहिर शाह ऐसे ही संगीत की दुनिया में यश कमाते रहें और मानवता को अपने #नारकीय संगीत से ऐसे ही झकझोरते रहे.

Friday, 22 April 2016

गाँधी परिवार, कांग्रेस, आप, राजद, जेडीयु के लिए एक सलाह..मेंगो आदमी के तरफ से :-

आप लोगों से राजनीती में कुछ हो नहीं रहा है, आप लोग अपनी लाइन बदल डालो कृपा आनी शुरू हो जाएगी..
१). सोनिया गाँधी: आप अपना पुराना पेशा फिर से शुरू कर दो, आपकी कृपा वहीँ रुकी हुई है..एक बार शुरू तो करो, कृपा इतनी आएगी के गुप्त इलाज के लिए बाहर एक जहाज भी कम पड जाएगा.
२). राहुल गाँधी : बेटा तू नाम से ही नहीं काम से भी पप्पू ही है. तू लोगों को अपने भाषणों में भी हंसाता है तो तेरे लिए एक एक हास्य कलाकार बन जाना ही बेहतर है, जब तू बुरा करेगा जूते, चप्पल, अंडे और कभी कभी सड़े हुए टमाटर तुझे मिलेंगे और जब अच्छा करेगा तो थोड़े कम मिलेंगे, पर मिलेंगे जरूर. तू शुरू कर कृपा तुझे पहले दिन से ही मिलने लगेगी.
३). प्रियंका गांधी : आप तो न...मैडम ऐसा करें, रोड पर कटोरा लेकर बैठ जाएँ क्यूंकि आपको तो खाने को वांदे हैं आपका #किसान पति करोड़ों कमाता है पर आपके बंगले का भाडा देने की उसकी औकात नहीं है और आपने स्वयं खुद कको गरीब कहा है, तो अब कृपा प्राप्त करने के लिए आपको तो रोड पर आना ही होगा न..चिंता न करें आपको तो बैठते मात्र ही कृपा मिलनी शुरू हो जाएगी.
४). रोबर्ट वाड्रा : तुझ पर तो शादी होते ही कृपा होनी शुरू हो गई थी. लोगों को जिंदगी बीत जाती है कृपा प्राप्त करने में और तू तो शादी करते ही कृपा लेना लगा था और आज देश के सबसे रईस #किसानो में तेरा नाम शुमार हो गया है. तुझे दुबारा से कृपा प्राप्त करने के लिए सिर्फ प्रार्थना करने की जरुरत है क्यूंकि तेरी सास को सत्ता मिलेगी तभी तुझे कृपा मिलेगी, पर मिलेगी जरूर..अगर तेरी सास सत्ता में आ गई तो, जो के मुझे नामुमकिन लग रहा है..पर तू कृपा के लिए अपनी कोशिश जारी रखना.
५). दिग्विजय सिंह : अरे चच्चा, देख लो आपको कृपा अगर प्राप्त नहीं हुई तो आपकी औकात सारी दुनिया के सामने आ जाएगी. शादी को पूरा एक साल होने को आ गया है कोई खुशखबरी नहीं आई है. आपको तो विशेष कृपा की आवश्यकता है. आप बाबा से अकेले में जाकर मिल लेना बाबा आपके लिए अपने कृपा के भण्डार खोल देंगे.
6) अरविन्द केजरीवाल : बेटा, कृपा तुम तक पहुँच ही नहीं पा रही है..ओड-इवन का स्यापा, कृपा को रोके बैठा है और तुम्हारी कृपा पर लातूर वालों ने पानी फेर दिया है अब तो के ही उपाय नज़र आ रहा है अखबार के माध्यम से कृपा तुम तक पहुंचाई जाए .. हा हा हा, वैसे दिल्ली वालों को तुम अपनी कृपा भली भाँती और समय से दे रहे हो.
७). मनीष सिसोदिया : बेटा, जब तुम पर कृपा केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनते ही शुरू हो गई थी तो तुमने सायकिल वाल स्वांग क्यूँ रचा दिया ? अब भुगतो, तुम्हारी कृपा तुम्हारी गलती के वजह से रुक गई है. अब अरविन्द केजरीवाल के नए ड्रामे का इन्तेजार करो, तभी कृपा तुम पर होनी शुरू होगी..
८). कुमार विश्वास : तुम तो मर्दों जैसे हो हरकतें महिलाओं से भी ओछी करते हो..और ऊपर से तुम्हारी दो कौड़ी की कवितायें..वत्स, तुम अपनी औकात में रहोगे तो तुम्हें कृपा नॉन स्टॉप मिलेगी वरना बाबा की कृपा आनी बंद हो जाएगी और तुम्हारे बटुए में सिर्फ अट्ठन्नी रह जाएगी. मर्द बनो, कृपा होनी शुरू हो जाएगी..वैसे तुम स्वयं अपनी कृपा किसी को दे सकते हो, उन्हें तुम्हारी कृपा की बड़ी आवश्यकता है..एक साल हो गए हैं उन्हें..कुछ हुआ नहीं है. तुम्हारी कृपा वहीँ से रुकी है, उनकी मुराद पूरी कर उनकी गोद भर दो कृपा ज़िन्दगी भर तक आएगी.
९). नितीश कुमार : जिस दिन से तुमने देश को संघ मुक्त करने की बात कहीं है उसी दिन से तुम्हारी कृपा रुक गई है और अब तो ऐसा लग रहा है तुम पर बाबा की कृपा कभी होगी भी नहीं क्यूंकि तुमने दो निकम्मे राहू और केतु जो अपनी कैबिनेट में शामिल कर लिए हैं. जब तक संघियों की निक्कर आधी थी तुम्हारे ऊपर कृपा कम से कम आधी हो रही थी अब तो संघियों की पेंट फुल हो गई है तो तुम्हारी कृपा अब पूरी तरीके से बंद हो गई है. कृपा के लिए, तुम देश के सभी नेताओं से सांठ गाँठ करो, अरविन्द केजरीवाल से तो वैसे ही तुम्हारी अच्छी पहचान हो गई है, तुम्हारी कृपा उसके माध्यम से आने लगे तो ठीक है वरना तुम्हारी कृपा के लिए इशरत को पूछना होगा और इफ्तार के लिए धन खर्चा करना होगा.

१०). लालू यादव: जब खुद पर कृपा होनी बंद हो गई तो अपने दोनों निकम्मे लौंडों को आगे कर दिया कृपा प्राप्त करने के लिए. वैसे तुम भूलो मत तुम्हारी मेहरारू पर भी कृपा हुई थी. कृपा के लिए तुम कुछ भी कर गुजरते हो. वैसे तुम पर बिहार के लोगों की कृपा इस बार हो गई है ध्यान रखना कुछ गलत मत कर देना वरना कृपा हमेशा के लिए बंद हो जाएगी. तुम्हारी कृपा एक बार गाय भैंस का चारा खाने से भी बंद हो गई थी, तो इस बार वैसे सुतियापा न कर देना. कृपा तुम्हें, मिलती रहेगी.
११). मनमोहन सिंह : इस चुपाध्यक्ष महोदय, की कृपा इसकी चुप्पी ने ही बंद कराई थी इसने अपने कार्यकाल के दौरान सिर्फ “ठीक है” और कुछ शायरी के अलावा अपने पुरे कार्यकाल में कुछ नहीं बोले..वैसे मैडम की तरफ से इन्हें कितनी कृपा प्राप्त हुई इसका तो कोई अंदाज़ा नहीं है और न ही अंदाज़ा लगाना चाहता हूँ पर देश की कृपा और बाबा की कृपा इन पर बंद हो चुकी है. वैसे, मोदी की कृपा से इनकी खोई हुई जुबान वापस जरूर आ गई है.